Poem

कुछ रास्ते अधूरे ही अच्छे हैं

By maayavi lekhak

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कुछ रास्ते अधूरे ही अच्छे हैं,कुछ सपने अधूरे ही सच्चे हैं। हर मंज़िल मिल जाए, ऐसा कहाँ होता है,हर अपना उम्रभर अपना कहाँ रहता है। कुछ लोग एक मुलाक़ात में दिल में उतर जाते हैं,कुछ उम्रभर पास रहकर भी अजनबी नज़र आते हैं। हर ख़ामोशी कोई किस्सा कह जाती है,हर आँसू अपने अनकहे राज़ बता जाती है। हम जिन्हें खोकर टूट गए थे कभी,                  उन्हीं की यादों में छूट गए थे सभी। जो चला गया, उसे सपना रहने दो,जो पास है, उसे अपना कहने दो। क्योंकि ज़िंदगी रुकती नहीं किसी के जाने बाद,सुबह होती ही है, रात के ढल जाने के बाद। कुछ रास्ते अधूरे ही अच्छे हैं,क्योंकि आगे कई सपने सच्चे हैं।
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